और इतनी भी उदासी किस काम की
थोड़ा इश्क़ करलो वरना जिंदगी किस काम की
तोड़ा कुछ इस अदा से तालुक़ उस ने ग़ालिब,कि सारी उम्र हम अपना क़सूर ढूँढ़ते रहे।
तुझे ना पा सके तो भी सारी जिंदगी तुझे प्यार करेंगे
ये जरूरी तो नहीं जो मिल ना सके उसे छोड़ दिया जाये
प्यार का इजहार नही किया जाता,
इकरार किये बगैर जो दिल को छू जाये,
वो ही तो प्यार है!!
भरोसा क्या करना गैरों पर,जब गिरना और चलना है अपने ही पैरों पर।