सुबह कुछ यूँ आता है तुम्हारा ख्याल,जैसे बाग में खिला हो खूबसूरत गुलाब lजिसकी खुशबू से महकता जीवन मेरा,अब रहो साथ ना करो कोई सवाल l
Good Morning
मेरे अनकहे "अलविदा" को…
तुम्हारे फिर से मिलने का इंतज़ार हैं ।
जितना तुमने मुझे छोड़ा था..
मैंने उस से कहीं ज्यादा दुनियाँ को छोड़ दिया है..
खैर चले तो गए हो तुम अब बिछड़ भी जाओ मुझसे...
"तुम जो पूछ लेती हो,कभी-कभी जो हाल,वक़्त काटने के लिए,ये ख्याल भी अच्छा है l"
“उसकी याद हमें बेचैन बना जाती हैं,
हर जगह हमें उसकी सूरत नज़र आती हैं,
कैसा हाल किया हैं मेरा आपके प्यार ने,
नींद भी आती हैं तो आँखे बुरा मान जाती हैं.”
इकरार करने में शब्दों का होना लाज्मी नहीं
दिल के जज्बात ही काफी हैं
आंखें बयान कर देती हैं दिल की दास्तान,
मोहब्बत लफ्जों की मोहताज़ नही होती