"बैठे-बैठे एक मुस्कुराहट,ओंठो पे आ गई,कोई बात तुम्हारी प्यारी, जहन में आ गई,लोगो ने पूछा क्या है, क्यों हँस रहे हो,उन्हें क्या बताता, तुम कैसे पागल बना गई l"
"नाराजगीं की उम्र बस इतनी है जाना,इधर तुमने हाथ पकड़ा, उधर मैं माना l"
"मेरा दिल मोह्हबत में तुमको, कहाँ पाना चाहता है,बना के खुदा तुम्हें ,दिल मीरा हो जाना चाहता है l"
हमारी गलतियों से कही टूट न जाना,
हमारी शरारत से कही रूठ न जाना,
तुम्हारी चाहत ही हमारी जिंदगी हैं,
इस प्यारे से बंधन को भूल न जाना.
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
आशिक़ी में बहुत ज़रूरी है
बेवफ़ाई कभी कभी करना