जिन्दगी हल्की फुल्की हैबस उम्मीदों का बोझ भारी है lजिन्दगी कल भी बहुत प्यारी थी,जिन्दगी आज भी बहुत न्यारी है l
जाने अब कौन आँखों से निकल,कागज़ पे आने वाला है,सुना हैं मेरा मेहबूब फिर,कोई तस्वीर बनाने वाला है l
Pyar Bhari shayari
जिसे पाया ना जा सके वो जनाब हो तुम
मेरी जिंदगी का पहला ख्वाब हो तुम
लोग चाहे कुछ भी कहे लेकिन,
मेरी जिंदगी का एक सुन्दर सा गुलाब हो तुम
वो गले से लिपट के सोते हैं
आज-कल गर्मियाँ हैं जाड़ों में
सर्दी और गर्मी के उज़्र नहीं चलते
मौसम देख के साहब इश्क़ नहीं होता