सर्दी और गर्मी के उज़्र नहीं चलते
मौसम देख के साहब इश्क़ नहीं होता
ना दूर रहने से रिश्ते टूट जाते हैं
ना पास रहने से जुड़ जाते हैं
यह तो एहसास के पक्के धागे हैं
जो याद करने से और मजबूत हो जाते हैं
तू बन जा मेरी कि इस कदर चाहूंगा तुझे
कि लोग दुआ करेंगे तुझसा नसीब पाने के लिए
छुपा लूं तुझको अपनी बाँहों में इस तरह,कि हवा भी गुजरने की इजाज़त मांगे,मदहोश हो जाऊं तेरे प्यार में इस तरह,कि होश भी आने की इजाज़त मांगे।
छुपा लूं तुझको अपनी बाँहों में इस तरह,
कि हवा भी गुजरने की इजाज़त मांगे,
मदहोश हो जाऊं तेरे प्यार में इस तरह,
कि होश भी आने की इजाज़त मांगे।
Kaise Ek Laphz Mein Bayaan Kar Doon Dil Ko Kis Baat Ne Udaas Kiya