वो गले से लिपट के सोते हैं
आज-कल गर्मियाँ हैं जाड़ों में
लोग पूछते हैं की तुम क्यूँ अपनी मोहब्बत का इज़हार नहीं करते,
हमने कहा जो लब्जों में बयां हो जाये
सिर्फ उतना हम किसी से प्यार नहीं करते…!!!
फूल खिलें गुलशन में खूबसूरती नज़र आएगी,
बीते साल की चटपटी यादें साथ रह जाएगी,
आओ मिलकर जश्न मनाएं नए साल का
नए साल की पहली सुबह, ख़ुशियाँ अनगिनत लाएगी
नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं 2021
उसी का शहर, वही मुद्दई, वही मुंसिफ
हमीं यकीन था, हमारा कुसूर निकलेगा
यकीन न आये तो एक बार पूछ कर देखो
जो हंस रहा है वोह ज़ख्मों से चूर निकलेगा
बहुत सुकून मिलता है जब उनसे हमारी बात होती है,वो हजारो रातों में वो एक रात होती है,जब निगाहें उठा कर देखते हैं वो मेरी तरफ,तब वो ही पल मेरे लीये पूरी कायनात होती है।