लालच का पिशाच

Lalach Ka Pishach

सालों पुरानी बात है एक नगर में एक गाँव था,जहां पर चार दोस्त रहते थे. वो चारों बहुत गरीब थे लेकिन फिर भी एक साथ बहुत ही आराम से रहते थे. 

एक दिन उन लोगों ने फैसला किया की वो हिमालय की गुफाओं में जाकर धन की तलाश करेंगे क्योंकि बचपन से ही उस गाँव के लोगों के मुख से उन्होंने सुन रखा था की हिमालय की गुफाओं में खूब सारा ख़जाना छुपा हुआ हैं. इसलिए उन सबने मिलकर उस ख़ज़ाने को ढूढ़ने के लिए चल पड़े. 


कई महीनों तक जंगलों में भटकते भटकते आख़िरकार वो हिमालय की गुफा में पहुँच गए.  

तभी उन्हें एक महात्मा दिखाई दिए, उन चारों ने उन्हें प्रणाम किया और अपने आने का प्रयोजन बताया. महात्मा उन चारों की कहानी सुनने के बाद उनकी मदद के लिए उन्हें चार पत्थर दिया और कहा ये पत्थर आप सभी को खज़ाना ढूंढ़ने में मदद करेंगे. जिस भी स्थान पर तुम चरों में से किसी एक का भी पत्थर चमकने लगेगा वहीं छुपा हुआ खज़ाना होगा. सभी ने एक एक पत्थर लेकर वहां से आगे को चल दिया. 

आधी दूर आने के बाद उनमें से एक का पत्थर चमकने लगा और उस जमीन में उसे कोयलें की खान मिल गयी और वो वहीं रुक गया. बाकी आगे चलने लगे, कुछ दूर बाद दूसरे इंसान को चांदी की खान मिल गयी और वो भी वहीं रुक गया. कुछ देर बाद तीसरे इंसान को भी सोने की खान मिल गयी और उसने चौथे दोस्त से कहा, भाई अब यहीं रुक जाओ हम दोनों भाई यहाँ पर अपना अपना हिस्सा लेकर साथ वापस चलते है और आराम से सुख पूर्वक राज करेंगे. लेकिन चौथे दोस्त ने मना कर दी. उसने कहा, नहीं अगर तुम सबकी किस्मत में इतना ख़जाना हैं तो मुझे भी आगे जरूर हीरे की खान मिलेगी और वहां से चल दिया. बहुत देर चलते चलते वो बहुत दूर चला आया लेकिन उसे कुछ नहीं मिला आखिर उसने हिम्मत बाँध कर और ऊपर चलने की कोशिश की. तभी उसे एक आदमी दिखाई दिया, वो उसकी बात जाकर उससे पूछा, तुम कौन हो? यहाँ क्या कर रहें हो? उस इंसान ने उसे बताया की मैं भी तुम्हारी तरह ख़जाने की तलाश में अपने दोस्तों के साथ आया था लेकिन मैं अपने दोस्त की बात न मानकर यहाँ तक चलाया आया और अबतक मुझे कोई ख़जाना नहीं मिला. मैं पिछले 12 सालों से यहाँ भटक रहा हूँ लेकिन अब नहीं. अब तुम आ गए हो अब मैं यहाँ से आज़ाद हो जाऊंगा और अपने मस्तक पर लगे इस लालच के शापित चक्र को तुम्हें  दे दूंगा.  इसके बाद उस इंसान ने अपना चक्र उस आदमी को देकर वहां से गायब हो गया. अब वो आदमी वहां पर अगले इंसान के आने तक अपना सज़ा काटने लगा. 


कहानी से सीख:

हमें अपने जीवन में कभी भी लालच नहीं करना चाहिए. लालच का परिणाम हमेशा बुरा ही होता हैं.