उस मोड़ से शुरू करनी है फिर से जिंदगी
जहा सारा शहर अपना था और तुम अजनबी
वफा क्या होती है?
काश तुम जान जाती ...
ना हम, ना तुम अकेली होती ।
मुझे तेरे सपनों से प्यार इतना हैं,
की खुद को उनके लिए न्योछावर कर दूँ.
करूँ बस मैं आपसे मोहब्बत इतनी,
और अपना ये साल आपके नाम कर दूं.
नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं.
Tu saath hokar bhi saath nahi hoti
Ab toh rahat mein bhi rahat nahi hoti…
Magar
rani sirf badsah ki hi hoti haii..