वफा क्या होती है?
काश तुम जान जाती ...
ना हम, ना तुम अकेली होती ।
वही शख्स आकेला छोड गया मुझे इस दुनिया कि भीड मेजिसने दुनिया की भीड़ से चुन के मुझे अपना बनाया था
Yaado k jungle me tab tak firta hu
Jab tak pair lahu luhan nahi ho jate..
बिखरे थे जो अल्फ़ाज इस कायनात मेंसमेंटा है उन्हें चंद पन्नों की किताब मेंअब दुआ नहीं मांगता बस पूंछता हुं खुदा सेअभी कितनी सांसे और हैं हिसाब में..??
Itne Lamhe Guzare Hai Tere Saath Humne
Ke Aaj Ek Lamha Tanha Guzarna Mushkil Hain.