मिल सके आसानी से , उसकी ख्वाहिश किसे है? ज़िद तो उसकी है, जो मुकद्दर में लिखा ही नहीं…
कुछ अरमान उन बारीश कि बुंद कि तरह होते है,
जिनको छुने कि ख्वाहिश में,हथेलिया तो गिली हो जाती ,
पर हाथ हमेशा खाली रेह जाते है….
उनका भी कभी हम दीदार करते है,उनसे भी कभी हम प्यार करते है,क्या करे जो उनको हमारी जरुरत न थी,पर फिर भी हम उनका इंतज़ार करते है..!!
नया सवेरा नई किरण के साथ,
नया दिन एक प्यारी मुस्कान के साथ,
आपको नया साल मुबारक हो ढेर सारी दुआओं के साथ।
हैप्पी न्यू ईयर 2021
ये सर्द शामें भी किस कदर ज़ालिम है,बहुत सर्द होती है, मगर इनमें दिल सुलगता है।