कितनी जल्दी ये शाम आ गई;
गुड नाईट कहने की बात याद आ गई;
हम तो बैठे थे सितारों की महफ़िल में;
चाँद को देखा तो आपकी याद आ गई.
तेरे सिवा कौन समा सकता है मेरे दिल में……रूह भी गिरवी रख दी है मैंने तेरी चाहत में !!
मां सरस्वती का वरदान हो आपको
हर दिन नई मिले ख़ुशी आपको
दुआ हमारी है खुदा से ऐ दोस्त
जिन्दगी में सफलता हमेशा मिले आपको
बसंत पंचमी की बधाई
मोहब्बत के चर्चे बहुत हैं यारों,
हुस्न के पर्चे बहुत है यारों,
मोहब्बत करने से पहले सोच लेना,
क्योंकि इसमें खर्चे बहुत है यारों।
“तेरी यादों के जो आखिरी थे निशान,दिल तड़पता रहा, हम मिटाते रहे...ख़त लिखे थे जो तुमने कभी प्यार में,उसको पढते रहे और जलाते रहे....”