तुझे कही खो ना दू,
इस बात का डर है.
क्यूंकि तू मेरे प्यार से,
अभी बेखबर है ..!!!
उन्होंने ज़ुल्फें क्या झटकी अपनी,
सारे शहर में बारिश हो गई!!
वक़्त पर न जा क्योंकि वक़्त तो हर जख्म की दवा है…
आज तुमने हमें भुला दिया कल तम्हें कोई और भुला देगा…
काश ! कोई इस रात की शहर रोक लेता ,काश ! आज कोई मुझे अपने घर रोक लेता l
मेरी यादों में आती रही रात भर,सोते -सोते जगाती रही रात भर lकहता किससे और किससे मैं क्या बोलता,प्यार से वो रुलाती रही रात भर l
थोड़ा संभल कर चलते है,थोड़ा लापरवाह हो जाते है,डरते थे जिस राह, जाने में,उसी सफ़र में खो जाते है l