बुराई को देखना और सुनना ही
बुराई की शुरुआत है
जब भरोषा टूट जाता है तब sorry,
का कोई मतलब नहीं होता...!!
उठना, गिरना ,संभलना चलता रहता है ,यही ज़िन्दगी है ज़नाब !सांसो का आना जाना जब तक है ,हंसना ,रोना ,मुस्कुराना चलता रहता है l
बातों ही बातों में कोई बात बुरी लग जाती है,इस लिए वो महीने में कई बार मुझसे लड़ जाती है lपूछता हूँ कि बात क्या है.. उसे भी याद नहीं,नाराज़ होती है फिर बात उसे कहाँ याद रह जाती है l
"मिल जायेगी बरसो पहले हो चुकी बेवफ़ा,पर आज शहर में साँसो को हवा ना मिलेगी l"
"दो कदम के फासले से, इश्क़ में हम हार गये,एक उन से ना तय हो सका, एक हम ना कर सके l"