ऐ मोह्हबत!
तेरे घर का पता
मिला भी तो क्या,
अब पूरे शहर में,
लॉकडाउन लगा है..🏡
नमो नमो दुर्गे सुख करनी।
नमो नमो अंबे दुःख हरनी॥
रंगों की बौछार हो जाए,
इस होली कुछ खास हो जाए,
यारों से मिले सब यार,
बस फिर भंग का जाम हो जाए.
तस्वीर के चाहे हज़ारों रंग क्यों न हो,
मुस्कराहट का रंग सबसे ख़ूबसूरत ही होता है…!!
ऐ सुबह तू जब भी आना ….
शीयों की सौगात अपने संग लाना
मिट जाए रात काली गम की…
रंग जीवन में सबके कोई ऐसा जमाना
सुप्रभात – शुभदिन