मन को, मन से बताऊँगा,मन से मिल,फिर मन का हो जाऊँगा l
"काश! कोई इस रात की सहर रोक लेता,आज फिर मुझे कोई घर रोक लेता l"
"बड़ी तेजी से इंसान -इंसान को भूल रहा था,
ये ठोकर भी जरुरी था,थोड़ा ब्रेक लगाने को l"
जिस दिन किसानों की तकदीर पलट जाएगी,
उस दिन भारत के तरक्की की तस्वीर बदल जाएगी.