ऐ हवा तू ये जुर्म ना करा कर,
तू उसे यूँ छूआ ना कर….
दौलत भी तू ले आयाशोहरत भी ले आयाथा तू ऐसा दिलकशतू अपने हसीन दिलको क्यों छोड़ आया
दौलत भी तू ले आया
शोहरत भी ले आया
था तू ऐसा दिलकश
तू अपने हसीन दिल
को क्यों छोड़ आया
“सच्चा प्यार” की यही पहचान है,
कितना भी “लड़ झगड़” ले,
एक दूसरे से “रूत जाए फिर भी,
एक दूसरे की “जान” होते है।
ज़िक्र तेरा हर वक़्त होने लगा है ,तु मेरे रूह तक में खोने लगा है lतुम्हारी तलाश अब खत्म नहीं होती,आईने में अपनी आँखों में पाने लगा हूँ l
देखो फिर से रात आ गयी गूड नाईट कहने की बात याद आ गयी
बैठे थे गुम सुम होकर चाँद को देखा तो तुम्हारी याद आ गयी ।
शुभ रात्रि
तमन्ना करते हो जिन खुशियों की,
दुआ है वह खुशिया आपके कदमो मे हो,
खुदा आपको वह सब हक़ीक़त मे दे,
जो कुछ आपके सपनो में हो..!!