देखो फिर से रात आ गयी गूड नाईट कहने की बात याद आ गयी
बैठे थे गुम सुम होकर चाँद को देखा तो तुम्हारी याद आ गयी ।
शुभ रात्रि
लाखों तूफान उठे है इस दिल में
तुजे देखने के बाद
काश
जुल्फों की काली घटाओं से ढक पाऊ
ये चाँद सा चेहरा तेरा
कहा ये किसने कि फूलों से दिल लगाऊं मैं,
अगर तेरा ख्याल ना सोचूं तो मर जाऊं मैं,
माँग ना मुझसे तू हिसाब मेरी मोहब्बत का,
आ जाऊं इम्तिहान पर तो हद्द से गुज़र जाऊं मैं।
बीते वर्ष को विदा इस कदर करते हैं,
जो कभी नहीं किया वो भी कर गुज़रते हैं,
नये वर्ष के आने की खुशिया तो सब मिलके मानते है,
हम इस बार बीत गए वर्ष के यादों की ख़ुशी मनाते हैं.
HAPPY NEW YEAR 2021
कौन कहता है मुझे ठेस का एहसास नहीं,
जिंदगी एक उदासी है जो तुम पास नहीं,
मांग कर मैं न पियूं तो यह मेरी खुद्दारी है,
इसका मतलब यह तो नहीं है कि मुझे प्यास नहीं.