हँसना-हँसाना चलता रहेगा ,रूठना -मनाना चलता रहेगा lबस आप रहना साथ ,ये खूबसुरत अफसाना चलता रहेगा l
कल बुरा था,तो कल भी हो..जरुरी तो नहीं,दो रातों के बीच तो,हमेशा उजाला होता है l
देखो फिर से रात आ गयी गूड नाईट कहने की बात याद आ गयी
बैठे थे गुम सुम होकर चाँद को देखा तो तुम्हारी याद आ गयी ।
शुभ रात्रि
इश्क़ ने 'ग़ालिब' निकम्मा कर दिया
वर्ना हम भी आदमी थे काम के