हमें ख़बर है मोहब्बत के सब ठिकानों की….
शरीक-ए-जुर्म ना होते तो शायद मुखबरी करते!
जन्नत का हर लम्हा….दीदार किया थागोद मे उठाकर जब मॉ ने प्यार किया था
जन्नत का हर लम्हा….दीदार किया था
गोद मे उठाकर जब मॉ ने प्यार किया था
सपनो की दुनिया को कह दें बाय-बायहुई है सुबह चलो सब जाग जाएं…सूरज को करें वेलकम…..तैयार हो जाएं…चलो इस दिन की खुशियाँ मनाएं!Good Morning
ऐ सुबह तू जब भी आना ….शीयों की सौगात अपने संग लानामिट जाए रात काली गम की…रंग जीवन में सबके कोई ऐसा जमानासुप्रभात – शुभदिन
"अपने दिल से,एक झूठ रोज बोल देता हूँ,मोह्हबत नहीं है तुमसे, ये सोच लेता हूँ,डर है राज खुलते, तुम ख़फ़ा ना हो जाओ,जितनी हो बहुत हो, ये किस्मत मान लेता हूँ l
लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में
तुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में