राज़ ना हो अगर प्यार में तो वो प्यार कैसा, रूठना ना हो जहाँ पर वहाँ मनाना कैसा,प्यार करने वाला ही गुस्सा करता है, तकरार ना हो जिससे कभी वो यार कैसा। 💞😡🤗
राज़ ना हो अगर प्यार में तो वो प्यार कैसा,
रूठना ना हो जहाँ पर वहाँ मनाना कैसा,
प्यार करने वाला ही गुस्सा करता है,
तकरार ना हो जिससे कभी वो यार कैसा। 💞😡🤗
आज ना पूछो मुझसे मेरी उदासी का सबब,बस सीने से लगा कर मुझे रूला दे कोई।
जी चाहे कि दुनिया की हर एक फ़िक्र भुला कर,दिल की बातें सुनाऊं तुझे मैं पास बिठाकर।
जुबान पे तेरा नाम लाया हैं
बहुत मुश्किल से करता हूँ तेरी यादों का कारोबार,
मुनाफा कम है लेकिन गुज़ारा हो ही जाता है!