आज ना पूछो मुझसे मेरी उदासी का सबब,बस सीने से लगा कर मुझे रूला दे कोई।
हम आज भी शतरंज़ का खेलअकेले ही खेलते हे ,क्युकी दोस्तों के खिलाफ चालचलना हमे आता नही ..।
लोग पूछते हैं हमसे
कि तुम अपने प्यार का इज़हार क्यों नहीं करते;
तो हमने कहा जो लफ़्ज़ों में बयां हो जाए
हम उनसे प्यार उतना नहीं करते…
काश एक ख्वाहिश पूरी हो इबादत के बगैर,
वो आके गले लगा ले मेरी इजाजत के बगैर।
आखों में कोई आंसू नहीं.
दिल में कोई डर नहीं.
ना आंसू ना डर.
मेरे प्यारे दोस्त,
आपको मेरे दिल से हैप्पी न्यू ईयर