तुझे भूल जाऊँ मेरे दिल से सिफारिश न कर,बेशक तू बेदख़ल कर दे पर लावारिस ना कर!
तुझे भूल जाऊँ मेरे दिल से सिफारिश न कर,
बेशक तू बेदख़ल कर दे पर लावारिस ना कर!
काश ! कोई इस रात की शहर रोक लेता ,काश ! आज कोई मुझे अपने घर रोक लेता l
माँ की सी मुझे नज़र दे ऐ खुदाकि ज़माना मुझे फिर बुरा न लगे।
"तेरी चार बातें, मुस्कुरा के सुन लेता हूँ,तुमसे हार कर, तुमको जीत लेता हूँ l"
विपरीत परस्थितियों में कुछ लोग टूट जाते हैं ,
तो कुछ लोग लोग रिकॉर्ड तोड़ते है
लोग पूछते हैं की तुम क्यूँ अपनी मोहब्बत का इज़हार नहीं करते,
हमने कहा जो लब्जों में बयां हो जाये
सिर्फ उतना हम किसी से प्यार नहीं करते…!!!