तमाम हसरतों को आराम देकर,फिर बैठे हैं किसी कोने में चाय लेकर।
तेरी यादों में सुकून बहुत है,बीते लम्हों में प्यार बहुत है lबस यादशहर ऐसे ही बसा रहें,इस शहर में वो खास बहुत है l
मन जिस का मौला होता है
वो बिल्कुल मुझ सा होता है
आँखें हंस कर पूछ रही हैं
नींद आने से क्या होता है
ये मुझे चैन क्यों नहीं पड़ता ,
एक ही शख्स था क्या पुरे जहान में .....
मैं उसका हूँ, यह तो मैं जान गया हों लेकिन,
वह किस का है, ये सवाल मुझे सोने नहीं देता......
तुम्हारी दुनिया से चले जाने के बाद
हम तुम्हें हर एक तारे में नजर आया करेंगे
तुम हर पल कोई दुआ माँग लेना
और हम हर बार टूट जाया करेंगे
मुहब्बत खूबसूरत होती होगी किसी और ज़माने में
हमपे जो गुजरी है वो हम ही जानते हैं