"किताबों के बीच आज भी,उसके ख़त छुपा रखे है,आज भी हर शब्द में, तेरी मौजूदगी नज़र आती है l"
देखकर मेरी आँखें एक फकीर कहने लगा,
पलकें तुम्हारी नाज़ुक है,
खवाबों का वज़न कम कीजिये...!
अगर आए तुम्हे हिचकियाँ,तो माफ़ करना मुझे,क्योंकि इस दिल को आदत है,तुम्हे याद करने की…
अगर आए तुम्हे हिचकियाँ,
तो माफ़ करना मुझे,
क्योंकि इस दिल को आदत है,
तुम्हे याद करने की…
छुपा लूं तुझको अपनी बाँहों में इस तरह,कि हवा भी गुजरने की इजाज़त मांगे,मदहोश हो जाऊं तेरे प्यार में इस तरह,कि होश भी आने की इजाज़त मांगे।
छुपा लूं तुझको अपनी बाँहों में इस तरह,
कि हवा भी गुजरने की इजाज़त मांगे,
मदहोश हो जाऊं तेरे प्यार में इस तरह,
कि होश भी आने की इजाज़त मांगे।
तोड़ा कुछ इस अदा से तालुक़ उस ने ग़ालिब,कि सारी उम्र हम अपना क़सूर ढूँढ़ते रहे।