तेरे आगोश में मिल जाये पनाहहम इतने खुश नसीब कहाँ
तेरे आगोश में मिल जाये पनाह
हम इतने खुश नसीब कहाँ
अनुभवों के साथ,
आदर्श भी बदल जाते हैं।
Good Night Shayari
मेरी खमोशियो के राज़ ख़ुद मुझे ही नहीं मालूम…
जाने क्यू लोग मुझे मगरूर समझते है…
“तुम आए ज़िंदगी मे कहानी बन कर,
तुम आए ज़िंदगी मे रात की चाँदनी बन कर,
बसा लेते है जिन्हे हम आँखो मे,
वो अक्सर निकल जाते है आँखो से पानी बन कर”
ना ठुकरा मेरी दोस्ती मुझे गरीब समज कर ए दोस्त,
यह दौलत वाले खरीदार तो होते है,
लेकिन वफादार नही