एक आँसूं कोरे कागज़ पर गिरा,
वो अधूरा ख़त पूरा हो गया!
दर्द ही सही मेरे इश्क का इनाम तो आया,
खाली ही सही हाथों में जाम तो आया,
मैं हूँ बेवफ़ा सबको बताया उसने,
यूँ ही सही, उसके लबों पे मेरा नाम तो आया।
मैं कुछ लम्हा और तेरे साथ चाहता था;
आँखों में जो जम गयी वो बरसात चाहता था;
सुना हैं मुझे बहुत चाहती है वो मगर;
मैं उसकी जुबां से एक बार इज़हार चाहता था।
एक लड़कीने छोटे बच्चे के गाल पर Kiss ? किया.लड़की – अरे!! Sorry… तुम्हारे गाल पर तो लिपस्टीक लग गई…बच्चा – कुछ अच्छा करने से अगर दाग लगते है,तो दाग अच्छे है…?
रिमझिम तो है मगर सावन गायब है,बच्चे तो हैं मगर बचपन गायब है..!!क्या हो गयी है तासीर ज़माने की यारोंअपने तो हैं मगर अपनापन गायब है !