मैंने दिल से कहा
उसे थोड़ा कम याद किया कर,
दिल ने कहा वो सांस है तेरी,
तू सांस ही मत लिया कर..!!
कौन कहता है सिर्फ नफरतो में ही दर्द है कभी कभी बेपनाह मोहब्बत भी बहुत दर्द देती है..
सोचा था छुपा लेंगे गम को पर कमबख्त आँखों ने ही बग़ावत कर दी|
हमें क्या पता था मौसम ऐसे रो पड़ेगा, हमने तो आसमान को बस अपनी दास्तां सुनाई थी|