अब तो कुछ भी चाहने से भी डर लगता है मुझको क्योंकि, जो भी चाहा आज तक मुझे वो हमेशा ही नहीं मिला,गुस्सा मुझे इस बात का नहीं है की जो सोचा वो नहीं मिला, बल्कि इस बात का है कि मैंने किसी को चाहा पर मुझे चाहने वाला नहीं मिला। 😠😓
अब तो कुछ भी चाहने से भी डर लगता है मुझको क्योंकि,
जो भी चाहा आज तक मुझे वो हमेशा ही नहीं मिला,
गुस्सा मुझे इस बात का नहीं है की जो सोचा वो नहीं मिला,
बल्कि इस बात का है कि मैंने किसी को चाहा पर मुझे चाहने वाला नहीं मिला। 😠😓
दुनिया ने भले हमें जुदा कहा,हमने दिल से कभी ना उन्हें,अलविदा कहा l"
राधा का रंग और कान्हा की पिचकारी
प्यार के रंग से रंग दो दुनिया सारी
यह रंग ना जाने कोई जात ना कोई बोली
मुबारक हो आपको रंगों भारी होली
ये मुहब्बत कब, किससे हो जाये इसका अंदाजा नहीं होता
ये वो घर है जिसका कोई दरवाजा नहीं होता
जाड़े की रुत है नई तन पर नीली शाल
तेरे साथ अच्छी लगी सर्दी अब के साल...