बहुत बाकी रह जाना,तुम्हें खोजते-खोजते,एक दिन खुद को पा लूँगा l"
गुज़र गया वो वक़्त जब तेरे तलबगार थे हम.
अब खुद भी बन जाओ तो सजदा न करेंगे..!
कितने आंसू बहूँगा उस बेवफा के लिए
जिसको खुदा ने मेरे नसीब मैं लिखा ही नहीं….
“तेरी यादों के जो आखिरी थे निशान,दिल तड़पता रहा, हम मिटाते रहे...ख़त लिखे थे जो तुमने कभी प्यार में,उसको पढते रहे और जलाते रहे....”
मन करता है जो दर्द है दिल में
बयां कर दूँ हर दर्द तुझसे ,
अब ये दर्द छुपाए नहीं जाते
लेकिन नहीं कह सकता कुछ तुझसे
क्योंकि दिलो के दर्द दिखाए नहीं जाते ……
जिनकी याद तुम्हें खुशी के लम्हों में आई
समझो कि तुम उन्हें प्यार करते हो
और जो गम में याद आए
जान लो वो तुम्हें प्यार करते हैं