मैं नदी तो,तुम समन्दर हो,
चला कंही से,पर तुम पर ठहरा हूँ💕
हिम्मत नहीं अब बहस करने की
जो तुम कहो वही ठीक है !
तालीम नहीं दी जाती
परिंदो को उड़ानों की……..
वह तो खुद ही समझ
जाते हैं उच्चै आसमानो की…
काश तकदीर भी होती किसी जुल्फ की तरह…
जब जब बिखरती संवार लेते…
कई बार ली है तुमने तलाशियाँ मेरे दिल की
बताओ कभी कुछ और मिला है तुम्हारे सिवा!!
हर रिश्ते में विश्वास रहने दो;
जुबान पर हर वक़्त मिठास रहने दो;
यही तो अंदाज़ है जिंदगी जीने का;
न खुद रहो उदास, न दूसरों को रहने दो।