एक डर सा लगा हुआ है मुझे,वो बिना शर्त चाहता है मुझे ।
मैंने लिख दिए है, गीत तुम्हारे लिए,जब भी जी चाहे गुनगुना लेना,हम सदा थोड़ी रहंगे,नाराजगीं के लिए तेरे पास,आज हूँ, थोड़ा मुस्कुरा लेना l
उन्हें शिकायत है कि,हम उन्हें इतना क्यों सोचते है,क्या गुजरेगी जान के, हम उन्हें हर लम्हें में जीते है l
"सारी दुनियाँ के फेसबुक पे, रंगीन तस्वीर,एक दिन में, एक युग का आलम बताते रहे,वो अपनी खबर की कोई तस्वीर बता देती,ये सोच के हम कई बार फोन उठाते रहे l"
"कोई सड़क कभी, किसी मंजिल पे ख़त्म नहीं होती,किसी छोर पे जुड़ जाती है, किसी और रास्ते से,कोई एक मंजिल,पे ज़िंदगी भी कभी रूकती नहीं,मुड़ के देखना, और खूबसूरत हो अगले मोड़ से l"
दिलों में आग लबों पर गुलाब रखते हैं
सब अपने चेहरों पे दोहरी नका़ब रखते हैं