नाराज़ जीने में भी लाख मज़ा है,हर लम्हें में याद और फिर नशा है lरात गुजरती नहीं हम काटते है,हर लम्हें में कई साल छांटते है l
"तुम जो पूछ लेती हो,कभी-कभी जो हाल,वक़्त काटने के लिए,ये ख्याल भी अच्छा है l"
सुबह होते ही जब दुनिया आबाद होती है,
आँख खुलते ही आपकी याद आती है,
खुशियों के फूल हो आपके आँचल में,
ये मेरे होंठों पे पहली फ़रियाद होती है..!!
इकरार करने में शब्दों का होना लाज्मी नहीं
दिल के जज्बात ही काफी हैं
आंखें बयान कर देती हैं दिल की दास्तान,
मोहब्बत लफ्जों की मोहताज़ नही होती
मंजिल नहीं मुझे तो राह से मिलना है,
दुनिया के साथ किसे जीना है,
मुझे तो attitude में जीकर,
शान से मरना है.
ये ज़िन्दगी तेरी यादो से,
अब नासूर सी चुभती है,
किसे पता था मेरी दोस्त,
ये यादे ताज महल से बड़ी लगती है!