हम आपको कभी खोने नहीं देंगेजुदा होना चाहो तो भी होने नहीं देंगेचांदनी रातों में जब आएगी मेरी यादमेरी याद के वो पल आपको सोने नहीं देंगेगुड नाईट
कुछ कहा, अनकहा रह जाने दो,कुछ सुना, अनसुना रह जाने दो,उसी कुछ की तालाश रह जाने दो,मोह्हबत मुझे यूँ भी तुमसे निभाने दो l
"मन अकेला और यादों वाला ज़माना होता है,ये नज़्म ही, तुमसे बातों का बहाना होता है l"
मैं कुछ लम्हा और तेरे साथ चाहता था;
आँखों में जो जम गयी वो बरसात चाहता था;
सुना हैं मुझे बहुत चाहती है वो मगर;
मैं उसकी जुबां से एक बार इज़हार चाहता था।
कुछ लुटकर, कुछ लूटाकर लौट आया हूँ,
वफ़ा की उम्मीद में धोखा खाकर लौट आया हूँ |
अब तुम याद भी आओगी, फिर भी न पाओगी,
हसते लबों से ऐसे सारे ग़म छुपाकर लौट आया हूँ |
Magar
rani sirf badsah ki hi hoti haii..