प्रेम से सनी मिट्टी में ही...,,
विरह के पुष्प उगते हैं ...
"कोई बात दिल में, ठहर जाये तो बताना,ख़ामोशियाँ अक्सर, दिल में जम जाती हैl"
"ना वो पूछती है, ना मैं बताता हूँ,अचानक मैं गुम-सा हो जाता हूँ,फिर मिलता हूँ पहली बार की तरह,इश्क़ फिर नया उसी से कर जाता हूँ l"
नए वर्ष में हर रोज खुशियों की बरसात होगी
यूं तो हर दिल में एक कशिश होती है
हर कशिश में एक ख्वाहिश होती है
मुमकिन नहीं सभी के लिए ताज महल बनाना
लेकिन हर दिल में एक मुमताज़ होती है