उठना, गिरना ,संभलना चलता रहता है ,यही ज़िन्दगी है ज़नाब !सांसो का आना जाना जब तक है ,हंसना ,रोना ,मुस्कुराना चलता रहता है l
वासना खींचती है,प्रेम प्रतीक्षा करता है...
"कई पुरानी यादें, खोल आया हूँ,सालो बाद, फिर तेरे शहर में आया हूँ,वो चौराहे, वो सड़क, सब वैसा ही है,बस एक तू नहीं, जिससे मिलने आया हूँ l"
हर रंजो - ग़म को, मुस्कुराहट की हवा देता हूँ,'माँ ' जब भी,खुद को तेरे आँचल में छुपा लेता हूँ l
ज़िंदगी भर के लिए रूठ के जाने वाले
मैं अभी तक तिरी तस्वीर लिए बैठा हूँ
वो शायद मतलब से मिलते हैं,
मुझे तो मिलने से मतलब है.!