"कई पुरानी यादें, खोल आया हूँ,सालो बाद, फिर तेरे शहर में आया हूँ,वो चौराहे, वो सड़क, सब वैसा ही है,बस एक तू नहीं, जिससे मिलने आया हूँ l"
अगर आए तुम्हे हिचकियाँ,तो माफ़ करना मुझे,क्योंकि इस दिल को आदत है,तुम्हे याद करने की…
अगर आए तुम्हे हिचकियाँ,
तो माफ़ करना मुझे,
क्योंकि इस दिल को आदत है,
तुम्हे याद करने की…
सीतल-सीतल वायु चली,
आकाश हुआ सुहाना,
अनपढ़ भी व्हाट्सऐप पढ़ने लगे,
शिक्षित हुआ ज़माना....
ना ठुकरा मेरी दोस्ती मुझे गरीब समज कर ए दोस्त,
यह दौलत वाले खरीदार तो होते है,
लेकिन वफादार नही
नींद सोती रहती है हमारे बिस्तर पे,और हम टहलते रहते हैं तेरी यादों में।