शुभ सोमवार
जय बाबा बर्फानी
भगवान शिव शायरी इन सावन
उनके सुर्ख लब और वफा की कसम,
हाय क्या कसम थी खुदा की कसम!
तेरी खामोशी, अगर तेरी मजबूरी है,तो रहने दे इश्क कौन सा जरूरी है.
उठाये जो हाथ उन्हें मांगने के लिए,
किस्मत ने कहा, अपनी औकात में रहो।
Akele hai to kya hua,Ye zindgi bhi guzar jayegi….
Hum apni tanhai mitane ke liye kisi ko majbur nahi karte…