मैं बोलता हूँ तो इल्ज़ाम है बग़ावत कामैं चुप रहूँ तो बड़ी बेबसी सी होती है
मैं बोलता हूँ तो इल्ज़ाम है बग़ावत का
मैं चुप रहूँ तो बड़ी बेबसी सी होती है
भूल कर उसे, हम चैन से सोते,काश इश्क में काम इतने आसान होते.
भूल कर उसे, हम चैन से सोते,
काश इश्क में काम इतने आसान होते.
"उसे पाने की कोशिश में, खुद को खो चुका हूँ,कई बार टूटे है सपने, मैं कई बार रो चुका हूँ l"
वफ़ा तुझ से ऐ बेवफ़ा चाहता हूँ
मिरी सादगी देख क्या चाहता हूँ