सारा जहाँ है जिसकी शरण में…
नमन है उस शिव के चरण में…
बने उस शिव के चरणों की धूल…
आओ मिलकर चढ़ायें हम श्रद्धा के फूल…
कभी कभी वक़्त के साथ सब ठीक
नहीं सब ख़तम हो जाता है...
हर पुरानी बात कोछोड़ने की कोशिश,नये दिन के शुरुआत में करता हूँ,हर शाम लौट के वापस,कल के शाम के पास आ जाता हूँ l
दिल-ए-आबाद का बर्बाद भी होना ज़रूरी है
जिसे पाना ज़रूरी है उसे खोना ज़रूरी है
सुबह उठन उठकर स्कूल जाना,
जल्दी जल्दी में माँ की बनाई लंच भूल जाना।
ज़िंदगी बड़ी ज़ालिम हैं ये दोस्त,
बढ़ते उम्र के साथ माँ को मत भूल जाना.
Good Morning Shayari
तुझको खुदा ने रुक-रुक बनाया,
पूरी ज़माने की खुदाई तुझ में ही भर दी,
हर अंग तेरा जैसे ,
रह-रह तू बरसे सावन महीना…