" बहुत खुश चेहरे के पीछे,अक्सर उदास आँखें होती है l "
कई बार खामोशी से बेहतर,कोई बात नही होती lनींद आ जाये आँखों में,ऐसी उनकी रात नही होती l
गुड नाईट
एक उसे पाने की,एक उसे भुलाने की,कोशिश बेकार करता हूँ l
ये उदास शाम और तेरी ज़ालिम याद,
खुदा खैर करे अभी तो रात बाकि है.
कभी तो आसमाँ से चाँद उतरे जाम हो जाए
तुम्हारे नाम की इक ख़ूब-सूरत शाम हो जाए
Main Jo Chahu To Tod Du Naata Tumse
Par Mein Buzdil Hu
Maut Se Darr Lagta Hai …