एक कप चाय उनके नाम,मेरी वजह से जिनके सर में दर्द रहता है ।
हर रंग तुझ पर आकर निखर जाता है,तुमसे मिलना भी मेरा त्यौहार हो जाता है l
जिन्दगी हल्की फुल्की हैबस उम्मीदों का बोझ भारी है lजिन्दगी कल भी बहुत प्यारी थी,जिन्दगी आज भी बहुत न्यारी है l
जाने अब कौन आँखों से निकल,कागज़ पे आने वाला है,सुना हैं मेरा मेहबूब फिर,कोई तस्वीर बनाने वाला है l
"अखिल प्रेम की कल्पना है यही,प्रेम की है जग में, सत्या जो सही,मौन की अपनी भाषा, होती प्रिय,प्रेम की बात तो, प्रेम से ही कही l"
जो बेइन्तिहाँ चाहत से रूह में उतर जाये
सिर्फ वही मोहब्बत में माहिर है..