कभी कभी तो छलक पड़ती हैं यूँही आँखें
उदास होने का कोई सबब नहीं होता
जो हैं माखन चोर, जो हैं मुरली वाला,
वही हैं हम सबके दुःख दूर करने वाला।
हमारे हर सवाल का सिर्फ एक ही जवाब आया,
पैगाम जो पहूँचा हम तक बेवफा इल्जाम आया।