एक आँसूं कोरे कागज़ पर गिरा,
वो अधूरा ख़त पूरा हो गया!
कह नही सकते अब कौन अपना है कौन परायाऐ, ज़िन्दगी तूने ये ही सीखाया
कह नही सकते अब कौन अपना है कौन पराया
ऐ, ज़िन्दगी तूने ये ही सीखाया
कोई तुमसे सीखे.....मौजूद रहना मुझ में !!
फिर उसी बेवफा पे मरते हैं,फिर वही ज़िन्दगी हमारी है ।
"तुमसे हुई बातें,मैं दोबारा खुद से कर जाता हूँ,फिर वही बात मैं कागज़ पे लिख जाता हूँ l"