"सारे गुनाहों का हिसाब,क्या एक दिन में ले लेगा,ऐ खुदा अभी बक्श दे,कुछ काम जरुरी बाकी है l"
Hasai to hasi lav,
Radai to radi lav,
Sangraam chhe jindagi,
Ladai to ladi lav.
एक हम हैं, जो
समझे नहीं खुद को अब तक।
और एक दुनिया है, जो
पता नहीं हमें क्या-क्या समझती है।
हसरत ए दीदार के लिये
उसकी गली मे मोबाईल की दुकान खोली ……
मत पूछो अब हालात ए बेबसी ऐ गालिब,
रोज़ एक नया शख्स उनके नम्बर पे रीचार्ज़ करवानें आता है …..
सुनी थी सिर्फ हमने ग़ज़लों में जुदाई की बातें ;
अब खुद पे बीती तो हक़ीक़त का अंदाज़ा हुआ !!