अब देखिये तो किस की जान जाती है,
मैंने उसकी और उसने मेरी कसम खायी है।
तेरे बाद कुछ यूं मोहब्बत निभाई है मैंने,
तुम नहीं कोई नहीं कसम खाई है मैंने!
नज़र अंदाज़ करते हो तो, लो हट जाते है
नज़रों से!इन्हीं नज़रों से ढूँढोगे,
नजर जब हम नहीं आएंगे
"बहुत राहत है, तुम्हारे ख्यालों में,उसके आहट से भी ग़म दूर होते है l"
कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी
यूँ कोई बेवफ़ा नहीं होता