चलो एक कप चाय बनाते है,
तुम चीनी बन कर घुल जाना,
हम पत्ति बनकर रंग जमाते है।
किसी और के पास कम से कम आबाद तो होगाहमारे पास कुछ था भी तो नहीं सिवाय बेबसी के
किसी और के पास कम से कम आबाद तो होगा
हमारे पास कुछ था भी तो नहीं सिवाय बेबसी के
मेरे अनकहे "अलविदा" को…
तुम्हारे फिर से मिलने का इंतज़ार हैं ।
"हर नज्म में तुमको लिखा है,हर शब्द में तुमसे मिला है,ये दिल आवरगी में भी रहा हो,कलम उठा तुमसे ही मिला है l"
उन्हें शिकायत है कि,हम उन्हें इतना क्यों सोचते है,क्या गुजरेगी जान के, हम उन्हें हर लम्हें में जीते है l