हे मेरे भोले नाथ अगर मैं खामोश हूँ तो क्या…
आप ही कभी आवाज दे दीजिए…
मुझे भी तो अहसास हो जाए कि आप भी बेचैन हैं मेरे लिए…
हर हर महादेव
मन करता हैएक लंबी, अकेली यात्रा पर निकल जाऊँ।तब याद आता है इतने बरसों से उसी यात्रा में हूँ ।
"जिन्हें चाहना, उसी से दूर रहना,मरने से कम नहीं, ये फासला रखना l"
दिल मुझे उस गली में ले जा कर
और भी ख़ाक में मिला लाया
तुम मोहब्बत को खेल कहते हो
हम ने बर्बाद ज़िंदगी कर ली