कुछ आपका अंदाज है कुछ मौसम रंगीन है,
तारीफ करूँ या चुप रहूँ जुर्म दोनो संगीन है!
एक कप चाय उनके नाम,मेरी वजह से जिनके सर में दर्द रहता है ।
हर रंग तुझ पर आकर निखर जाता है,तुमसे मिलना भी मेरा त्यौहार हो जाता है l
जो बेइन्तिहाँ चाहत से रूह में उतर जाये
सिर्फ वही मोहब्बत में माहिर है..
अपने जैसी कोई तस्वीर बनानी थी मुझे
मिरे अंदर से सभी रंग तुम्हारे निकले