दिल एक हो तो बार बार क्यों लगाया जाये
बस एक इश्क़ ही काफी है उसे निभाया जाये।
गुस्से में भी उसका प्यार दिखता है,तकलीफ़ भले मुझको दे, दर्द उसको होता है।
गुस्से में भी उसका प्यार दिखता है,
तकलीफ़ भले मुझको दे, दर्द उसको होता है।
तुम्हारे अन्दर इतना प्यार कहाँ से आता है ,मेरा प्यार हमेशा थोड़ा कम पड़ जाता है l
जानते हैं... कि दिन गुलाब का है...लेकिन ज़रा देखना... दूसरे फूल उदास ना हों....
"ना तुमसा मिला कोई, ना तुमसा मिलेगा,इश्क़ रुसवा होकर भी, ना अश्कों में बहेगा l"