गुस्से में भी उसका प्यार दिखता है,तकलीफ़ भले मुझको दे, दर्द उसको होता है।
गुस्से में भी उसका प्यार दिखता है,
तकलीफ़ भले मुझको दे, दर्द उसको होता है।
"चाँद चढ़ता है,आसमां में,वो आँखों में उतर आता है,कैसा शख्स है वो,सपनों में भी आ जाता है l"
शुभ रात्रि
जाने कैसे मिलता है वो मुझे,फिर वापस नहीं जाता,समंदर में पानी बहुत है पर,समंदर का पानी पीया नहीं जाता l
रंजिशे नफ़रतें मिट जाये सदा के लिए