रोज़ यही शिकवा आगोश में खिलते क्यूँ नहीं,
मुलाक़ात करते हो आए दिन मिलते क्यूँ नहीं.
अब शामे खत्म तुमसे,अब सुबह शुरू तुमसे ,बचे निशा के कुछ पल,उसमे नींद भी तुमसे,सोयी आँखों के सपने भी तुमसे l
दुआ है कि तुझे हर कोई प्यार करे😘पर बद्दुआ ये भी है कि कोई मेरी तरह ना करे 💔…!!
दुआ है कि तुझे हर कोई प्यार करे
😘पर बद्दुआ ये भी है
कि कोई मेरी तरह ना करे 💔…!!
"आओ की, अब ये दिल चैन तो पा जाये,भटका राही कोई, मंजिल को पा जाये,ठहरा रास्ते में, ये दिल कई जगह,तेरी आँखों के यादों से, कभी ये निकल नहीं पायें l"
जो गुज़ारी न जा सकी हमसेहमने वो ज़िंदगी गुज़ारी है।
कमाल की निशानेबाज हो तुम
तिरछी नजर से भी सीधा दिल पे वार करती हो